Wednesday, March 16, 2016

मैं और मेरी रात

आज भी नींद नहीं आयी, और
रात भर, रात ने, मुझसे बातें की

Monday, March 14, 2016

#इश्क़

अब क्या करें, बार बार तबियत ख़राब होती है
कोई दवा भी नहीं, इश्क़ में दिल टूट जाने का
#मेराजसिद्दीक़ी

ज़िंदगी.....

ज़िंदगी बाक़ी है आज
चाहतें ख़त्म हो गयी, कल ही
#मेराजसिद्दीक़ी

Wednesday, March 9, 2016

Dogs are better than Boys

No one wants to come out from their comfort zone, everyone stops his/her life in a fixed radius of circle and specially every boy (except very few) follow and give company to girls full day in college and making smiles on their चूतियापा non sense activities without any reason. If I told to a boy that I have some ideas and concept to share with you and discuss with you, lets collaborate and work for a change and want to make you friend, he has no time. They dont know, I can see a dog in their eyes and expressions, which is available inside them. If I told to a girl same thing above she's ego gets increased by some higher value and she thinks "cheap लड़का है, लाईन मार रहा है मुझपे।

इन चूतियों के साथ चूतियापा करो तभी खुश रहेंगे, काम की बात करो तो ऐसे देखेंगे जैसे हम मंगल ग्रह से आये हैं । पूरी #genration ही बर्वाद है।

#softporn

Monday, March 7, 2016

#Portrait

मेरी #Portrait मेरे ही हाथों से बनी हुई 

#सरेआम

आज कल कुछ कलाम लिखता हूँ,
हर लफ्ज़ तेरा नाम लिखता हूँ |
मेरी कलम मेरे दर्द में साझा है
दिल की धरकानों को सरेआम लिखता हूँ  |

- मेराज सिद्दीक़ी

Thursday, March 3, 2016

#Dead

एक वक़्त था जब मेरे पास कुछ भी नहीं था फ़िल्म बनाने को, न कैमरा ना एडिटिंग मशीन कुछ भी नहीं और मुझे ये भी नहीं पता था की फ़िल्म बनती कैसे है, और तब पता नहीं कौन सा जुनून था मेरे अंदर की कुछ न होते हुए भी बहुत कुछ बना दिया मैंने ....... आज मेरे पास सब कुछ है, पूरा फ़िल्म स्टूडीयो ही है लगभग लेकिन पता नहीं वो जुनून कहाँ चला गया ... आज सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं बना पाता हूँ,
पता नहीं क्या हुआ मुझे, दिल टूटा हुआ कहीं खोया खोया सा रहता है ।
#dead

#मन

जब आपको कुछ भी नहीं पता होता है और आप दुनिया और समाज के #सच से परे होते हैं तो आपके अंदर एक अंधा और पागलपन जूनून होता है कुछ करने का और इस दुनिया की #मोहमाया में आपका दिल लगता है।
जब आप बहुत ज़्यादा ज्ञानी हो जाते है, आप #बुद्धिजीवी हो जाते हैं और शुन्य के करीब होते हैं तब आपके अंदर कुछ भी नहीं होता, कोई जूनून कोई पागलपन नहीं होता, किसी सम्मान का मोह नहीं होता, किसी अपमान का भय नहीं होता, इस दुनिया के लिए आपके मन में कोई चाहत नहीं होती .... इस समय आप अपनी #अंतरात्मा के तीसरे नयन से सब कुछ देख सकते हैं और आपके अंदर सिर्फ और सिर्फ #प्रेम बसता है और कुछ भी नहीं।
#शुन्य